श्री कल्याण कुमार 30 सितंबर 2025 से सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी [MD&CEO] हैं।
इससे पहले, आप ने 21 अक्टूबर 2021 से 30 सितंबर 2025 तक पंजाब नेशनल बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में काम किया है।
श्री कल्याण कुमार, राजेंद्र प्रसाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पूसा से साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकर्स [CAIIB] के
सर्टिफाइड एसोसिएट मेंबर हैं और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस [IIBF] से ट्रेड फाइनेंस, एसएमई फाइनेंस, आईटी सिक्योरिटी
और केवाईसी- एएमएल (KYC-AML) में कई सर्टिफिकेशन हासिल किए हैं।
श्री कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक की दो सहायक कंपनियों- पीएनबी गिल्ट्स लिमिटेड और पीएनबी कार्ड्स एंड सर्विसेज़ लिमिटेड के बोर्ड में चेयरमैन
के रूप में काम किया है। आप मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट [MDI] सोसाइटी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के नॉमिनी सदस्य हैं। श्री कुमार आईआईएफसीएल
के बोर्ड में एससीबी नॉमिनी निदेशक के रूप में और एनईबीएससीओएम (NIBSCOM) के बोर्ड में चेयरमैन के रूप में हैं।
पंजाब नेशनल बैंक में कार्यकारी निदेशक के तौर पर, आप ने कई प्रमुख व्यवसायओं में लाभ और हानि वितरण के समर्थन और नियंत्रण कार्यों में एक महत्वपूर्ण
भूमिका निभाई है, जिसकी जिम्मेदारियां कई क्षेत्रों में फैली हुई थीं।
आप ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, रणनीतिक प्रबंधन, आर्थिक परामर्श , डेटा विश्लेषक और सूचना प्रौद्योगिकी एक्सीलेंस के ज़रिए कुल बिज़नेस ग्रोथ के लिए बैंक के विज़न
और रणनीति का नेतृत्व किया। उन्होंने मानव संसाधन ट्रांसफॉर्मेशन, 'पीएनबी उड़ान' को निदेशित किया, जो हर कर्मचारी के लिए अच्छी तरह से तय और मापने
योग्य केआरए के साथ भूमिकाओं और उम्मीदों में स्पष्टता प्रदान करता है । आप बिज़नेस एक्विजिशन और रिलेशनशिप डिवीज़न का भी नेतृत्व करते हैं, जो सीएएसए(CASA)
में ग्रोथ लाने और क्रेडिट कार्ड सहित आस्ति और देयता दोनों प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करता है। श्री कुमार ने थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स के ज़रिए फीस आधारित
आय में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करते हुए बैंक के वेल्थ मैनेजमेंट वर्टिकल का भी नेतृत्व किया।
ईएसजी(ESG) लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए, श्री कुमार ने ‘पीएनबी पलाश' नाम से एक गो ग्रीन पहल भी शुरू की। कई जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए और
वृक्षारोपण अभियान, डिजिटल कॉपी और बायोडिग्रेडेबल फ़ोल्डर का उपयोग, ऊर्जा, कागज और जल संरक्षण के उपाय तथा कार पूलिंग आदि जैसी विभिन्न पहलें शुरू की गईं।
श्री कल्याण कुमार ने 1995 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ग्रामीण विकास अधिकारी के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और विभिन्न पदों पर 26 से अधिक वर्षों तक बैंक की सेवा की है।
आप ने विभिन्न श्रेणियों की शाखाओं में शाखा प्रमुख के रूप में काम किया, जिसमें बहुत बड़ी शाखाएं भी शामिल हैं। वह स्टाफ ट्रेनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल भी थे। कॉर्पोरेट कार्यालय में,
उन्होंने बैंक के बिज़नेस प्रोसेस ट्रांसफॉर्मेशन, क्रेडिट रिव्यू और मॉनिटरिंग और विजिलेंस में सहायता की। अंत में, उन्होंने बैंक के मुख्य महाप्रबंधक के रूप में मानव संसाधन विभाग का नेतृत्व किया।
आप के ही पर्यवेक्षण और नियंत्रण में आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सफल विलय किया गया।
श्री कुमार ने टॉप लीडरशिप डेवलपमेंट के लिए बैंक्स बोर्ड ब्यूरो ट्रेनिंग प्रोग्राम और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से एगॉन ज़ेंडर द्वारा आयोजित डायरेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लिया है।