निदेशक मंडल

निदेशक मंडल

श्री रोहित ऋषि

प्रबंध निदेशक इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड

श्री रोहित ऋषि बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखते हैं। आईआईएफसीएल में शामिल होने से पहले, आपने महाराष्ट्र बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में सेवाएं दीं और इंडियन बैंक में फील्ड महाप्रबंधक(FGM) के रूप में भी कार्य किया, जहां आपने अग्रणी नेतृत्व और रणनीतिक दायित्‍वों को संभाला।

आप के पास विभिन्न उद्योगों में व्यापक क्रेडिट अनुभव है। नीति डिज़ाइन और कार्यान्वयन में आप के काम ने नियामक अनुपालन को मजबूत करने और संतुलित जोखिम ढांचे को बनाए रखने में योगदान दिया है। आप बैंकिंग उत्पादों के विकास और डिजिटल तथा नवाचारात्मक परिचालन ढांचे को अपनाने से भी जुड़े रहे हैं।

शैक्षणिक रूप से, श्री रोहित ऋषि बी.टेक(टेक्सटाइल्स), एमबीए (फाइनेंस) और सीएआईआईबी(CAIIB) हैं। आप ने 1995 में इंडियन बैंक में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑफिसर के रूप में अपने पेशेवर करियर को प्रारंभ किया और तब से आप ने क्रेडिट, परिचालन, नीति निर्माण और उत्पाद विकास के क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाएँ निभाई हैं।

श्री पलाश श्रीवास्तव

उप प्रबंध निदेशक इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड

श्री पलाश श्रीवास्तव इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग में एक प्रतिष्ठित अग्रणी व्‍यक्ति हैं, जिनके पास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), संरचित वित्त और क्षमता निर्माण में लगभग तीन दशकों की विशेषज्ञता है। अपने पूरे करियर के दौरान, आप सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, शहरी परिवहन, जल आपूर्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए परियोजना मूल्यांकन, दीर्घकालिक वित्तपोषण और संरचित निवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। आप की विशेषज्ञता एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि भंडारण, औद्योगिक पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों में व्‍याप्‍त है। आईआईएफसीएल में, आप दीर्घकालिक परियोजना वित्तपोषण को आगे बढ़ाने, संरचित ऋण के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के सफल निष्पादन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।

आप ने राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, राष्ट्रीय पीपीपी क्षमता निर्माण कार्यक्रम, शहरीकरण के वित्तपोषण के लिए कार्य समूह-12वीं पंचवर्षीय योजना, परिवहन के लिए राकेश मोहन समिति और बुनियादी ढांचा विकास के पीपीपी मॉडल के पुनरीक्षण और पुनरोद्धार पर केलकर समिति में योगदान दिया है।

आप ने हरित वित्तपोषण की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पर्यावरण रेटिंग मानक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे सीओपी 21 में लॉन्च किया गया था। आप ने संरचित वित्तीय समाधानों का भी बीड़ा उठाया है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास के लिए समूहन(सिंडिकेशन) का प्रबंधन किया है।

आईआईएफसीएल में जुड़ने से पहले, आप ने आईआईएफसीएल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (आईपीएल), आईडीएफसी ग्रुप, क्रिसिल, फीडबैक वेंचर्स, आईएलएंडएफएस और आदित्य बिड़ला ग्रुप सहित तमाम संगठनों में प्रमुख अग्रणी पदों पर कार्य किया है।

आप ने आरए पोद्दार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, मुंबई से एमबीए और मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है।

डॉ.आलोक तिवारी

आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव को सरकार द्वारा नामित निदेशक नियुक्त किया गया

डॉ. आलोक तिवारी आईएएस अधिकारी हैं जो अभी भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्‍त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आप ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक, लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस(एलएससी) से इकोनॉमिक्स में एमएससी. तथा आईआईटी दिल्ली से इकोनॉमिक्स में पीएच.डी. की डिग्री हासिल की है।

एनआईआईएफटीएल(NIIFTL) के अलावा, आप इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) और इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) के बोर्ड में भी भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अपने करियर के दौरान, आप ने कई प्रमुख प्रशासनिक और नीतिगत पदों पर काम किया है, जिनमें जॉइंट मैजिस्ट्रेट, मेरठ; मुख्य विकास अधिकारी, लखनऊ; और कन्नौज, मथुरा और कानपुर के जिला मैजिस्ट्रेट और कलेक्टर के पद शामिल हैं। आप ने उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल के विशेष सचिव और उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त विभाग में भी काम किया है; यूपी चुनाव विभाग में विशेष सचिव और अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी; भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में उप सचिव; और भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग में उप सचिव के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने भारत सरकार के माननीय रक्षा मंत्री के निजी सचिव के रूप में भी काम किया है।

श्री बलदेव पुरुषार्थ

सरकारी नामित निदेशक

श्री पुरुषार्थ 2002 बैच के पंजाब कैडर के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। आपने पंजाब सरकार और भारत सरकार में विभिन्न क्षेत्रीय और सचिवालयी पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में, आप भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आप कई केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के बोर्ड में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। चंडीगढ़ को 10 लाख से अधिक आबादी वाला खुले में शौच से मुक्त प्रथम शहर बनाने के लिए आपको माननीय प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

आप भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड, भारतीय रेलवे वित्त निगम लिमिटेड, राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना निधि ट्रस्टी लिमिटेड और राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम लिमिटेड के बोर्ड में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

श्री पुरुषार्थ ने दिल्ली विश्वविद्यालय, भारत से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में, आप ने बुनियादी ढांचे में पीपीपी पर विभिन्न पुस्तकों में योगदान दिया है और उन्हें आकार दिया है, जैसे, राज्य पीपीपी इकाइयों की स्थापना के लिए संदर्भ मार्गदर्शिका; पीपीपी परियोजना मूल्यांकन के लिए संदर्भ मार्गदर्शिका; परियोजना कार्यान्वयन मोड चयन के लिए संदर्भ गाइड - वाटरफॉल फ्रेमवर्क; पीपीपी परियोजनाओं के लिए लेनदेन सलाहकार- पैनल के उपयोग के लिए मैनुअल, आदि। आप ने विभिन्न पत्रिकाओं में बुनियादी ढांचे और पीपीपी पर कई लेख भी लिखे हैं।

श्री चंद्रदीप कुमार झा

उप महानिदेशक (DDG), वित्तीय सेवा विभाग (DFS),
भारत सरकार

श्री चंद्रदीप कुमार झा (आईएसएस:2000) को भारत सरकार के अंतर्गत विभिन्न प्रमुख पदों पर दो दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का अनुभव हैं। आपने दिल्ली विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि ग्रहण की है। वर्तमान में आप वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) में उप महानिदेशक (डीडीजी) के पद पर कार्यरत हैं तथा आपके पास भारत सरकार के कई केंद्रीय मंत्रालयों में कार्य करने का व्यापक तथा विविध अनुभव हैं।

अपने संपूर्ण कार्यकाल के दौरान, आपने डेटा विश्लेषण, समन्वयन, निगरानी, पर्यवेक्षण और नीति निर्माण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आपकी विशेषज्ञता का दायरा सांख्यिकीय मामलों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय सहयोग, राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली में सुधार, व्यवसाय करने में सरलता, औद्योगिक विकास तथा प्रमुख सरकारी पहलों के कार्यान्वयन सहित कई क्षेत्रों तक विस्तृत है।

विशेषज्ञता तथा अनुभव के प्रमुख क्षेत्र:

• वित्तीय सेवा विभाग (DFS): आपने वित्तीय नीतियों और प्रणालियों को सदृढ़ बनाने हेतु समन्वयन और डेटा विश्लेषण प्रयासों का नेतृत्व किया।
• सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI): आपने सांख्यिकीय विषयों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में सक्रिय भूमिका तथा संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग जैसे वैश्विक निकायों के साथ निकट समन्वय स्थापित किया। इसके अतिरिक्त, भारत की राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली में सुधार तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान से संबंधित प्रशासनिक/कानूनी मामलों में विशेष योगदान दिया है।
• वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MoCI): आपने ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस(कारोबार करने में आसानी) पहल, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान तथा दिल्ली- मुंबई औद्योगिक गलियारे और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारे विकास व क्रियान्वयन ट्रस्ट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं हैं। साथ ही, आपने प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों(CPSUs) के पूंजीगत व्यय (CAPEX) निगरानी और बड़े केंद्रीय क्षेत्र परियोजनाओं में निवेश ट्रैकिंग का भी निरीक्षण किया है। आपने यह सभी कार्य औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग में रहते हुए किया।
• गृह मंत्रालय (एमएचए): आपने भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय में काम करते समय, भारत की नागरिक पंजीकरण प्रणाली, नमूना पंजीकरण प्रणाली तथा जनगणना 2011 में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री सी.पी.सारथी रेड्डी

सरकार द्वारा नामित निदेशक

वे वर्तमान में नीति आयोग, भारत सरकार में सलाहकार हैं जिसमें वे परियोजना मूल्यांकन कार्यक्षेत्र के प्रमुख के तौर पर कार्य कर रहे हैं। वे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और सार्वजनिक मामलों में स्‍नातकोत्‍तर हैं।

उन्‍हें रेल मंत्रालय, योजना आयोग एवं भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड में विभिन्‍न क्षमताओं में कार्य करने का 25 से अधिक वर्षों का अपार अनुभव है। वे इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स के 1997 बैच के अधिकारी हैं।

वे भारतीय रेलवे में प्रमुख रोलिंग स्टॉक खरीद परियोजनाओं की बोली प्रक्रिया व निष्पादन में भी शामिल रहे। इसके अतिरिक्‍त वे रेलवे में पीपीपी रियायतों के लिए मॉडल रियायत करार सहित पीपीपी परियोजनाओं की रूपरेखा बनाने तथा मानक बोली दस्तावेज विकसित करने में भी शामिल रहे।

श्री कल्याण कुमार

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक नामिति निदेशक

श्री कल्याण कुमार 30 सितंबर 2025 से सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी [MD&CEO] हैं। इससे पहले, आप ने 21 अक्टूबर 2021 से 30 सितंबर 2025 तक पंजाब नेशनल बैंक में कार्यकारी निदेशक के रूप में काम किया है।

श्री कल्याण कुमार, राजेंद्र प्रसाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पूसा से साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकर्स [CAIIB] के सर्टिफाइड एसोसिएट मेंबर हैं और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस [IIBF] से ट्रेड फाइनेंस, एसएमई फाइनेंस, आईटी सिक्योरिटी और केवाईसी- एएमएल (KYC-AML) में कई सर्टिफिकेशन हासिल किए हैं।

श्री कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक की दो सहायक कंपनियों- पीएनबी गिल्ट्स लिमिटेड और पीएनबी कार्ड्स एंड सर्विसेज़ लिमिटेड के बोर्ड में चेयरमैन के रूप में काम किया है। आप मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट [MDI] सोसाइटी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के नॉमिनी सदस्य हैं। श्री कुमार आईआईएफसीएल के बोर्ड में एससीबी नॉमिनी निदेशक के रूप में और एनईबीएससीओएम (NIBSCOM) के बोर्ड में चेयरमैन के रूप में हैं।

पंजाब नेशनल बैंक में कार्यकारी निदेशक के तौर पर, आप ने कई प्रमुख व्यवसायओं में लाभ और हानि वितरण के समर्थन और नियंत्रण कार्यों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसकी जिम्मेदारियां कई क्षेत्रों में फैली हुई थीं।

आप ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, रणनीतिक प्रबंधन, आर्थिक परामर्श , डेटा विश्लेषक और सूचना प्रौद्योगिकी एक्सीलेंस के ज़रिए कुल बिज़नेस ग्रोथ के लिए बैंक के विज़न और रणनीति का नेतृत्व किया। उन्होंने मानव संसाधन ट्रांसफॉर्मेशन, 'पीएनबी उड़ान' को निदेशित किया, जो हर कर्मचारी के लिए अच्छी तरह से तय और मापने योग्य केआरए के साथ भूमिकाओं और उम्मीदों में स्पष्टता प्रदान करता है । आप बिज़नेस एक्विजिशन और रिलेशनशिप डिवीज़न का भी नेतृत्व करते हैं, जो सीएएसए(CASA) में ग्रोथ लाने और क्रेडिट कार्ड सहित आस्ति और देयता दोनों प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग पर ध्यान केंद्रित करता है। श्री कुमार ने थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स के ज़रिए फीस आधारित आय में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करते हुए बैंक के वेल्थ मैनेजमेंट वर्टिकल का भी नेतृत्व किया।

ईएसजी(ESG) लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए, श्री कुमार ने ‘पीएनबी पलाश' नाम से एक गो ग्रीन पहल भी शुरू की। कई जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए और वृक्षारोपण अभियान, डिजिटल कॉपी और बायोडिग्रेडेबल फ़ोल्डर का उपयोग, ऊर्जा, कागज और जल संरक्षण के उपाय तथा कार पूलिंग आदि जैसी विभिन्न पहलें शुरू की गईं।

श्री कल्याण कुमार ने 1995 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ग्रामीण विकास अधिकारी के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और विभिन्न पदों पर 26 से अधिक वर्षों तक बैंक की सेवा की है। आप ने विभिन्न श्रेणियों की शाखाओं में शाखा प्रमुख के रूप में काम किया, जिसमें बहुत बड़ी शाखाएं भी शामिल हैं। वह स्टाफ ट्रेनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल भी थे। कॉर्पोरेट कार्यालय में, उन्होंने बैंक के बिज़नेस प्रोसेस ट्रांसफॉर्मेशन, क्रेडिट रिव्यू और मॉनिटरिंग और विजिलेंस में सहायता की। अंत में, उन्होंने बैंक के मुख्य महाप्रबंधक के रूप में मानव संसाधन विभाग का नेतृत्व किया। आप के ही पर्यवेक्षण और नियंत्रण में आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सफल विलय किया गया।

श्री कुमार ने टॉप लीडरशिप डेवलपमेंट के लिए बैंक्स बोर्ड ब्यूरो ट्रेनिंग प्रोग्राम और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से एगॉन ज़ेंडर द्वारा आयोजित डायरेक्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लिया है।

श्री संजय रुद्र

अनुसूची वाणिज्यिक बैंक नामित निदेशक
श्री संजय रुद्र ने 09 अक्टूबर, 2023 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण किया था। आप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शामिल होने से पहले, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के महाप्रबंधक और मुख्य जोखिम अधिकारी थे। आप के पास बैंकिंग के विभिन्न पहलुओं जैसे क्रेडिट, प्राथमिकता, एमएसएमई और एकीकृत जोखिम विभाग में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव है। आप एलएंडडी वर्टिकल के प्रभारी भी थे और आपके पास डिजिटल लेंडिंग के विकास परीक्षण का अतिरिक्त प्रभार था। आपके पास वेलिंगकर संस्थान से भौतिकी में स्नातकोत्तर डिग्री और वित्तीय प्रबंधन में डिप्लोमा है। आप  आईआईबीएफ के एसोसिएट सदस्य हैं। आपने आईआईएम बैंगलोर से लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम किया तथा एफएसआईबी का संचालन किया। आपने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, यूएसए के सहयोग से आईएसबी हैदराबाद द्वारा आयोजित ग्लोबल एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम में भी भाग लिया है। श्री रुद्र बैंक ऑफ महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेतृत्व में बैंक के बदलाव की अगुआई करने के लिए एक सक्रिय सहयोगी थे। आपने  महाराष्ट्र एक्जीक्यूटर एंड ट्रस्टी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (बैंक ऑफ महाराष्ट्र की सहायक कंपनी) के बोर्ड में निदेशक के रूप में कार्य किया है।

श्री समीर जेरमभाई बोघरा

स्वतंत्र निदेशक

समीर जेरमभाई बोघरा पिछले वर्षों से एक आपराधिक मामलों के वकील के रूप में अभ्यास कर रहे हैं। आपने सूरत नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की ओर से 2010 और 2010 से 2015 तक एक नागरिक सेवक (कॉर्पोरेटर) के रूप में भी काम किया है। उस दौरान आप सूरत नगर निगम में विधि समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आप दो साल तक सूरत नगर निगम में स्थायी समिति के सदस्य भी रहे हैं। आपको 2010 से गुजरात सरकार द्वारा नोटरी के रूप में नियुक्त किया गया और पिछले 12 वर्षों से नोटरी के रूप में अभ्यास कर रहे हैं।

आपने पिछले वर्षों के लिए सूरत में द भाग्योदय अर्बन क्रेडिट एंड कंज्यूमर सोसाइटी लिमिटेड में निदेशक के रूप में भी काम किया है। वर्तमान में आप स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता प्रदान करने की सामाजिक सेवाओं में शामिल हैं।

इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चंर फाइनैंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) की आधिकारिक वेबसाइट पर आपका स्वागत है

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